Responsive image

~!! Sabhi Dukho Ka Nidaan !!~

!! Sitaram Mantra Lekhan !!

कालसर्प योग एवं गृह शांति यज्ञ



तारीख: २३-०७-२०१२

मानव जीवन में कालसर्प का प्रभाव

स्थान - गौरी शंकर मंदिर मसरानी लेन हलाव पूल कुर्ला पश्चिम मुंबई - ७०


कालसर्प योग में उत्पन्न जातक को मानसिक अशांति,धन प्राप्ति में बाधा,विवाह विलम्ब ,संतान अवरोध, गृहस्थी में प्रतिपल कलह बना रहता है! प्रायः जातक को बुरे स्वप्ना भी आते है कुछ न कुछ अशुभ होने की आशंका रहती है! जातक को अपनी क्षमता, कार्य कुशलता का पूर्ण फल नहीं मिल पता है! कार्य अक्सर विलम्ब से पूर्ण होते है! अचानक नुकसान एवंम प्रतिष्ठा की क्षति, इस योग का विशेष लक्षण है इस योग में जातक के प्रगति में पग -पग पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है! इस योग के द्वारा जातक को आर्थिक व्यावसायिक एवं मानसिक उलझन से मुक्त नहीं होने देता है! पूरा प्रयत्न करने पर भी किसी न किसी मुसीबत में फसा रहता है! वह सारा जीवन दूसरों के कार्य को सफल करता है! जिनकी वह सहायता करता है वह शिखर छूने लगते है! परन्तु कालसर्प योग से प्रभावित जातक जो भी प्रयास या प्रयत्न करता है स्वयं उसमे सफल नहीं हो पाता है इस योग से प्रभावित व्यक्ति बिपत्ति के समय जिनकी तन मन से सहायता की होती है समय वे ही उनके काम नहीं आते है! जिनकी कुंडली में यह योग होता है! उसकी शांति आवश्यक है करा लें नहीं तो भले ही कितनी उचाई पर पहुच जाय एक न एक दिन जमीन पर आना ही होगा